वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा: जिले में 6500 मृदा नमूने जुटाने का अभियान, किसानों को मिलेगा मुफ्त Soil Health Card

जिले में 6500 मृदा नमूने जुटाने का अभियान, किसानों को मिलेगा मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड

जिले में किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने और भूमि की उर्वरा शक्ति का सटीक आकलन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा व्यापक मृदा नमूना संग्रह अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल के जरिए किसानों को उनकी जमीन की वास्तविक पोषक स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे फसलों के लिए संतुलित उर्वरकों का उपयोग कर सकेंगे।

कृषि विभाग द्वारा 17 जून से शुरू किए गए इस विशेष अभियान के तहत 30 जून तक जिले भर से कुल 6500 मृदा नमूने एकत्र किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन नमूनों का वैज्ञानिक परीक्षण और विश्लेषण करने के बाद किसानों को निशुल्क Soil Health Card (मृदा स्वास्थ्य कार्ड) वितरित किए जाएंगे।

जिला कृषि अधिकारी Girish Chandra ने बताया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से किसान अपनी भूमि में मौजूद पोषक तत्वों की वास्तविक स्थिति को समझ सकेंगे और उसी के अनुरूप फसल प्रबंधन की रणनीति तैयार कर पाएंगे।

अभियान को सफल बनाने के लिए कृषि विभाग ने 64 अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की है। चयनित प्रत्येक गांव से 100-100 मिट्टी के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इस योजना का लाभ मिल सके।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार सदर तथा आकांक्षी विकास खंडों में विशेष प्राथमिकता के आधार पर नमूना संग्रह किया जा रहा है। इसके तहत धौरहरा, रमियाबेहड़, ईसानगर और बांकेगंज विकास खंडों से 500-500 मृदा नमूने लिए जाएंगे, जबकि अन्य विकास खंडों से 400-400 नमूने एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है।

मृदा परीक्षण के जरिए खेतों में उपलब्ध नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश समेत अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों की मात्रा का पता लगाया जाएगा। इसके आधार पर किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग और फसल प्रबंधन संबंधी वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराई जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि मृदा परीक्षण आधारित खेती से किसानों की उत्पादन लागत में कमी आएगी, रासायनिक उर्वरकों का अनावश्यक उपयोग रुकेगा और फसलों की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसके साथ ही भूमि की उर्वरा शक्ति को लंबे समय तक बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।जिले में 6500 मृदा नमूने जुटाने का अभियान, किसानों को मिलेगा मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड

जिले में किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने और भूमि की उर्वरा शक्ति का सटीक आकलन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा व्यापक मृदा नमूना संग्रह अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल के जरिए किसानों को उनकी जमीन की वास्तविक पोषक स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे फसलों के लिए संतुलित उर्वरकों का उपयोग कर सकेंगे।

कृषि विभाग द्वारा 17 जून से शुरू किए गए इस विशेष अभियान के तहत 30 जून तक जिले भर से कुल 6500 मृदा नमूने एकत्र किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन नमूनों का वैज्ञानिक परीक्षण और विश्लेषण करने के बाद किसानों को निशुल्क Soil Health Card (मृदा स्वास्थ्य कार्ड) वितरित किए जाएंगे।

जिला कृषि अधिकारी Girish Chandra ने बताया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से किसान अपनी भूमि में मौजूद पोषक तत्वों की वास्तविक स्थिति को समझ सकेंगे और उसी के अनुरूप फसल प्रबंधन की रणनीति तैयार कर पाएंगे।

अभियान को सफल बनाने के लिए कृषि विभाग ने 64 अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की है। चयनित प्रत्येक गांव से 100-100 मिट्टी के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इस योजना का लाभ मिल सके।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार सदर तथा आकांक्षी विकास खंडों में विशेष प्राथमिकता के आधार पर नमूना संग्रह किया जा रहा है। इसके तहत धौरहरा, रमियाबेहड़, ईसानगर और बांकेगंज विकास खंडों से 500-500 मृदा नमूने लिए जाएंगे, जबकि अन्य विकास खंडों से 400-400 नमूने एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है।

मृदा परीक्षण के जरिए खेतों में उपलब्ध नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश समेत अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों की मात्रा का पता लगाया जाएगा। इसके आधार पर किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग और फसल प्रबंधन संबंधी वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराई जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि मृदा परीक्षण आधारित खेती से किसानों की उत्पादन लागत में कमी आएगी, रासायनिक उर्वरकों का अनावश्यक उपयोग रुकेगा और फसलों की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसके साथ ही भूमि की उर्वरा शक्ति को लंबे समय तक बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।जिले में 6500 मृदा नमूने जुटाने का अभियान, किसानों को मिलेगा मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड

जिले में किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने और भूमि की उर्वरा शक्ति का सटीक आकलन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा व्यापक मृदा नमूना संग्रह अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल के जरिए किसानों को उनकी जमीन की वास्तविक पोषक स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे फसलों के लिए संतुलित उर्वरकों का उपयोग कर सकेंगे।

कृषि विभाग द्वारा 17 जून से शुरू किए गए इस विशेष अभियान के तहत 30 जून तक जिले भर से कुल 6500 मृदा नमूने एकत्र किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन नमूनों का वैज्ञानिक परीक्षण और विश्लेषण करने के बाद किसानों को निशुल्क Soil Health Card (मृदा स्वास्थ्य कार्ड) वितरित किए जाएंगे।

जिला कृषि अधिकारी Girish Chandra ने बताया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से किसान अपनी भूमि में मौजूद पोषक तत्वों की वास्तविक स्थिति को समझ सकेंगे और उसी के अनुरूप फसल प्रबंधन की रणनीति तैयार कर पाएंगे।

अभियान को सफल बनाने के लिए कृषि विभाग ने 64 अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की है। चयनित प्रत्येक गांव से 100-100 मिट्टी के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इस योजना का लाभ मिल सके।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार सदर तथा आकांक्षी विकास खंडों में विशेष प्राथमिकता के आधार पर नमूना संग्रह किया जा रहा है। इसके तहत धौरहरा, रमियाबेहड़, ईसानगर और बांकेगंज विकास खंडों से 500-500 मृदा नमूने लिए जाएंगे, जबकि अन्य विकास खंडों से 400-400 नमूने एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है।

मृदा परीक्षण के जरिए खेतों में उपलब्ध नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश समेत अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों की मात्रा का पता लगाया जाएगा। इसके आधार पर किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग और फसल प्रबंधन संबंधी वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराई जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि मृदा परीक्षण आधारित खेती से किसानों की उत्पादन लागत में कमी आएगी, रासायनिक उर्वरकों का अनावश्यक उपयोग रुकेगा और फसलों की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसके साथ ही भूमि की उर्वरा शक्ति को लंबे समय तक बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।#SoilHealthCard #ScientificFarming #AgricultureNews #Farmers #SoilTesting #KisanNews #AgricultureDepartment #Farming #CropProduction #BalancedFertilizer #SoilHealth #IndianFarmers #AgricultureIndia #HindiNews #LatestNews

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