किशनगंज में 4 करोड़ की स्मैक बरामद, अंतरराज्यीय ड्रग्स गिरोह के दो तस्कर गिरफ्तार

बिहार के किशनगंज जिले में पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 2 किलो 57 ग्राम स्मैक बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब चार करोड़ रुपये बताई जा रही है।

यह कार्रवाई मंगलवार देर रात किशनगंज पुलिस की विशेष टीम द्वारा कोचाधामन थाना क्षेत्र के रहमतपाड़ा इलाके में की गई। पुलिस के अनुसार, बरामद मादक पदार्थ को पश्चिम बंगाल के मालदा से बिहार के मधेपुरा जिले तक पहुंचाने की योजना थी।

गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बुधवार को एसपी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि किशनगंज के रास्ते बड़ी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ की खेप गुजरने वाली है।

सूचना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व एसडीपीओ-वन खुसरू सिराज को सौंपा गया, जिन्होंने पूरी कार्रवाई की निगरानी की।

रहमतपाड़ा के पास की गई घेराबंदी

गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कोचाधामन थाना क्षेत्र के रहमतपाड़ा इलाके में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। इसी दौरान पुलिस ने दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोका और तलाशी के दौरान उनके पास से 2 किलो 57 ग्राम स्मैक बरामद की।

पुलिस ने मौके से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में यह मामला अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क से जुड़ा पाया गया है।

मालदा से मधेपुरा पहुंचाई जानी थी खेप

पुलिस जांच में सामने आया है कि बरामद स्मैक की खेप पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से लाई गई थी और इसे बिहार के मधेपुरा जिले तक पहुंचाने की तैयारी थी।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा मादक पदार्थ की आपूर्ति और वितरण का पूरा तंत्र कैसे काम कर रहा था।

बड़े नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह गिरफ्तारी एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट तक पहुंचने में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य राज्यों से जुड़े तस्करों और नेटवर्क के सदस्यों की पहचान की जा रही है।

इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पिछले दिनों किशनगंज और आसपास के इलाकों में हुई मादक पदार्थ की बरामदगी का इस गिरोह से कोई संबंध है या नहीं।

सीमावर्ती जिलों में बढ़ी सतर्कता

किशनगंज का भौगोलिक स्थान पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़ाव के कारण रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी वजह से यह क्षेत्र लंबे समय से तस्करों के लिए ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई जाती रही है।

पुलिस का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और जांच अभियान को और तेज किया जाएगा ताकि मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

Leave a Comment

शहर चुनें