ओडिशा क्राइम ब्रांच की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा करते हुए उसके मास्टरमाइंड सहित चार आरोपितों को भुवनेश्वर के बाहरी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान सामने आया कि तस्करों ने पहचान और डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए बेहद अनोखा और गोपनीय तरीका अपना रखा था।
इस कार्रवाई की जानकारी क्राइम ब्रांच के महानिदेशक विनयतोष मिश्रा ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि 24 जून को कटक जिले के आठगढ़ इलाके में की गई कार्रवाई के दौरान 190 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया था। इसी मामले की गहन जांच के दौरान पूरे तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।
डीजी के अनुसार, शुरुआती जांच में गिरफ्तार किए गए एक आरोपित के पास से 10 रुपये के नोट का आधा हिस्सा बरामद हुआ था। इसी सुराग के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई और बाद में तस्करी के इस अनोखे मॉड्यूल का खुलासा हुआ।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य गांजा की डिलीवरी और खरीददार की पहचान सुनिश्चित करने के लिए 10 रुपये के नोट को बीच से फाड़ देते थे। तस्करों के पास नोट का एक हिस्सा रहता था, जबकि गांजा लेने आने वाले व्यक्ति को नोट का दूसरा आधा हिस्सा साथ लाना अनिवार्य होता था।
जब दोनों हिस्से आपस में मिल जाते थे, तभी सौदे की पुष्टि मानी जाती थी और गांजा की खेप सौंप दी जाती थी। इस तरीके का इस्तेमाल पुलिस और जांच एजेंसियों की निगाहों से बचने तथा किसी बाहरी व्यक्ति की घुसपैठ रोकने के लिए किया जाता था।
एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि यह तरीका तस्करी नेटवर्क में विश्वास और पहचान की पुष्टि के लिए अपनाया गया था, जिससे बिना किसी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम या दस्तावेजी सबूत के अवैध कारोबार को संचालित किया जा सके।
फिलहाल, गिरफ्तार किए गए चारों आरोपितों से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के तार किन-किन राज्यों तक फैले हुए हैं और इसमें कितने अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस को उम्मीद है कि आगे की जांच में तस्करी गिरोह से जुड़े कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।#OdishaSTF #GanjaSmuggling #CrimeNews #OdishaCrime #Bhubaneswar #DrugRacket #CannabisSmuggling #BreakingNews #HindiNews #STFAction








