देश में किडनी ट्रांसप्लांट कराने वाले मरीजों के लिए अब अस्पताल और ट्रांसप्लांट सेंटर चुनना अधिक पारदर्शी और आसान हो सकेगा। नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (NOTTO) ने देशभर के ट्रांसप्लांट सेंटरों को अपने प्रदर्शन से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े सार्वजनिक करने के निर्देश जारी किए हैं।
नए निर्देशों के तहत किडनी ट्रांसप्लांट करने वाले अस्पतालों और संस्थानों को मरीजों के जीवित रहने की दर, सर्जरी के बाद मृत्यु दर, ग्राफ्ट फेल होने के मामलों और लंबे समय के उपचार परिणामों से संबंधित जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करानी होगी।
अब तक मरीजों और उनके परिजनों को संबंधित ट्रांसप्लांट सेंटर के पिछले प्रदर्शन और सफलता दर की जानकारी के बिना ही अस्पताल का चयन करना पड़ता था। विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियम से मरीज अधिक जानकारी के आधार पर बेहतर निर्णय ले सकेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी।
यह पहल उस समय सामने आई है जब भारतीय जनता पार्टी के सांसद Captain Brijesh Chowta ने ट्रांसप्लांट के परिणामों और उनकी सार्वजनिक उपलब्धता में पारदर्शिता की कमी का मुद्दा उठाया था।
इसके बाद National Organ and Tissue Transplant Organization (NOTTO) ने देशभर के ट्रांसप्लांट केंद्रों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि वे अपने प्रदर्शन से जुड़े आंकड़ों को सार्वजनिक करें और उन्हें अपनी वेबसाइट पर नियमित रूप से अपडेट भी करें।
स्वास्थ्य क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यह कदम न केवल मरीजों के हितों की रक्षा करेगा, बल्कि अस्पतालों और ट्रांसप्लांट सेंटरों के बीच गुणवत्ता आधारित प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा देगा।#KidneyTransplant #NOTTO #HealthNews #OrganTransplant #MedicalNews #Healthcare #IndiaHealth #TransplantCentre #PatientSafety #HealthPolicy






