हिमाचल में मानसून का कहर, भूस्खलन से कई हाईवे प्रभावित, ब्यास नदी उफान पर

प्रदेश में सक्रिय मानसून के कारण मंगलवार शाम तक शिमला, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और चंबा समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही वर्षा से जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण सड़क यातायात भी बाधित हो गया।

मंडी जिले में जालंधर-मंडी-अटारी राष्ट्रीय राजमार्ग (धर्मपुर-कोटली मार्ग) पर तीन अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन होने से यातायात प्रभावित हुआ। इसके अलावा मनाली-कीरतपुर फोरलेन पर भी कई जगह पहाड़ियों से पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आईं, जिससे वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ा।

वहीं पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिजनी से नारला के बीच लगातार चट्टानें और मलबा गिरने का सिलसिला जारी रहा। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मार्गों को सुरक्षित बनाए रखने के लिए मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य किया जा रहा है।

लगातार बारिश के कारण ब्यास नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। नदी के उफान पर होने के चलते पंडोह बांध से सोमवार रात और मंगलवार सुबह 9,000 क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़ा गया। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से नदी के समीप न जाने की अपील की है।

इस बीच जोगेंद्रनगर उपमंडल की कुंडुनी पंचायत के ग्रामीणों ने तहसीलदार रजत सेठी से मुलाकात कर पहाड़ी पर बनी कृत्रिम झील से संभावित खतरे को देखते हुए स्थायी समाधान की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण झील का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में जोखिम की आशंका बनी हुई है।

प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।#HimachalRain #Monsoon #Landslide #HimachalPradesh #WeatherUpdate #BeasRiver #PandohDam #RainAlert #IndiaNews #HindiNews

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