पंजाब में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन वितरण की योजना फिलहाल अटक गई है। 58.30 करोड़ रुपये के टेंडर को लेकर उठे विवाद के बीच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने खरीद प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की पोषण योजना के अंतर्गत राज्य भर में 28,515 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराए जाने थे। इस योजना का उद्देश्य फील्ड स्तर पर डेटा प्रबंधन, पोषण ट्रैकिंग और Digital Monitoring को मजबूत करना बताया गया था।
हालांकि, दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि जिस टेंडर को पहले निरस्त कर दिया गया था, उसे दोबारा बहाल कर उसी कंपनी को अनुबंध प्रदान किया गया। याचिकाकर्ता का दावा है कि यह प्रक्रिया स्थापित नियमों के विपरीत है और इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
प्रारंभिक सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए टेंडर के क्रियान्वयन पर फिलहाल रोक लगाने का आदेश पारित किया। इसके साथ ही पंजाब सरकार, पंजाब इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन लिमिटेड (PICTC) तथा सामाजिक सुरक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग को नोटिस जारी कर 23 फरवरी तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
इस आदेश के बाद स्मार्टफोन वितरण की प्रक्रिया अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई है। अब मामले की अगली सुनवाई में सरकार और संबंधित एजेंसियों के जवाब के आधार पर आगे की दिशा तय होगी।#PunjabNews #Anganwadi #HighCourt #TenderControversy #SmartphoneScheme #WomenAndChildDevelopment #PICTC #BreakingNews