उत्तराखंड का सीमांत जनपद उत्तरकाशी अब डिजिटल परिवर्तन और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिला प्रशासन की ओर से शुरू की गई महत्वाकांक्षी ‘दक्ष उत्तरकाशी’ योजना इस बदलाव की आधारशिला बनती नजर आ रही है। इस पहल का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनहितकारी बनाते हुए नागरिकों को तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध कराना है।
जिला प्रशासन ने इस योजना के तहत एक व्यापक नवाचारी सूचना प्रौद्योगिकी पारितंत्र (Innovative IT Ecosystem) विकसित करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। इसकी पहली और महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में ‘संकल्प संवाद पोर्टल’ को लॉन्च किया गया है, जिसने आम लोगों और प्रशासन के बीच संवाद को आसान और सीधा बनाने का काम शुरू कर दिया है।
वीडियो कॉल के जरिए सीधे अधिकारियों तक पहुंच रही जनता की आवाज
संकल्प संवाद पोर्टल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब लोगों को अपनी शिकायत या समस्या लेकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। नागरिक अपने घर से ही वीडियो कॉल के माध्यम से सीधे जिलाधिकारी और अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रख सकते हैं।
यह डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम करने के साथ-साथ शिकायत निवारण प्रक्रिया को भी अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बना रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार अब तक इस पोर्टल के माध्यम से 40 से अधिक शिकायतें और समस्याएं दर्ज की जा चुकी हैं, जिन पर कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की तकनीक आधारित व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो इससे दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा, जहां प्रशासनिक कार्यालयों तक पहुंचना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है।
‘दक्ष उत्तरकाशी’ के तहत होगा IT और Innovation का विस्तार
जिला प्रशासन की योजना केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं है। आने वाले समय में ‘दक्ष उत्तरकाशी’ अभियान के तहत सूचना प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में कई और पहलें शुरू करने की तैयारी है।
प्रशासन का लक्ष्य सरकारी विभागों के कामकाज को अधिक डिजिटल और व्यवस्थित बनाना है, ताकि फाइलों और दस्तावेजों से जुड़ी प्रक्रियाओं में तेजी लाई जा सके। इसके अलावा नागरिक सेवाओं को भी तकनीक के माध्यम से अधिक सुलभ और सरल बनाया जाएगा।
ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने वाली यह पहल भविष्य में उत्तरकाशी को उत्तराखंड के उन जिलों में शामिल कर सकती है, जहां प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी तरह डिजिटल माध्यमों पर आधारित होंगी।
महाविद्यालय की IT लैब को बनाया जाएगा AI Innovation Hub
‘दक्ष उत्तरकाशी’ योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा जिले के युवाओं और छात्रों को नई तकनीकों से जोड़ना भी है। इसके तहत उत्तरकाशी महाविद्यालय में स्थापित आईटी लैब को अधिक उपयोगी और व्यावहारिक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
इस लैब में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे इच्छुक छात्रों को Artificial Intelligence (AI) Innovation से जुड़ा विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करना और उन्हें रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराना है।
महाविद्यालय के डॉ. नरेंद्र जांगिड़ के अनुसार, छात्रों को AI Innovation के क्षेत्र में प्रशिक्षित कर प्रशासनिक और सरकारी कार्यों में उनकी तकनीकी सहायता ली जा सकेगी। इसमें सरकारी विभागों में होने वाले दस्तावेजीकरण, डेटा प्रबंधन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सहयोग शामिल होगा।
छात्रों की मदद से विकसित होंगे AI आधारित मॉडल
डॉ. नरेंद्र जांगिड़ ने बताया कि प्रशिक्षित छात्र भविष्य में प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप AI आधारित इनोवेशन मॉडल तैयार करने में भी योगदान देंगे। इससे न केवल सरकारी सेवाओं को आधुनिक बनाया जा सकेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर तकनीकी प्रतिभाओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल होता है, तो इसे उत्तराखंड के अन्य जिलों में भी लागू किया जा सकता है। इससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर तकनीकी अवसर उपलब्ध होंगे और प्रशासनिक कार्यों में दक्षता भी बढ़ेगी।#DakshUttarkashi #Uttarkashi #AIInnovation #SankalpSamvadPortal #DigitalGovernance #UttarakhandNews #InformationTechnology #Innovation #AITraining #DigitalIndia






