मोदीनगर तहसील क्षेत्र के कस्बा फरीदनगर में जमीन की पैमाइश के नाम पर लेखपाल द्वारा 50 हजार की रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। रिश्वत ना मिलने पर कार्य रूका हुआ है। यह हाल जब है कि इसी लेखपाल पर कुछ दिन पहले वारिसान प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर महिला से दुष्कर्म का केस दर्ज भी दर्ज हो चुका है।
मामले में फरीदनगर की चेयरमैन व सभासदों ने डीएम गाजियाबाद को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। फरीदनगर नगरपंचायत की तरफ से कुछ दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए पैमाइश कराई जानी है। आरोप है कि लेखपाल द्वारा पैमाइश नहीं करा जा रही है। इस एवज में 50 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। आरोप है कि सरकारी काम में लेखपाल सहयाेग के बजाए रिश्वतखोरी कर रहा है।डीएम को लिखा पत्र
मामले में तहसील के अधिकारियों से भी शिकायत की गई थी। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसपर अब डीएम गाजियाबाद को पत्र लिख गया है। सभासदों का कहना है कि पूर्व में लेखपाल पर रिश्वतखोरी के तमाम आरोप लग चुके हैंं। ऐसे में लेखपाल पर विभागीय कार्रवाई होनी जरूरी है।डीएम को लिखे शिकायती पत्र पर चेयरमैन रेशमा, सभासद शिव शंकर, पिंकी देवी, फुरकाना, राहुल सैनी, मोसीना, गुलशन, बबलू गौतम, नरेंद्र शर्मा आदि के हस्ताक्षर हैं। एसडीएम मोदीनगर का कहना है कि प्रकरण में जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।चुनावों के मद्देनजर तैयारियां शुरू
प्रदेश में अगले साल से चुनाव का सिलसिला प्रारंभ हो जाएगा। नगरीय निकाय चुनाव दलीय आधार पर होंगे। इसमें 50 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे। पार्टी ने इसे देखते हुए तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। युवाओं को साधने के लिए उनसे जुड़े मुद्दे चिन्हित कर उन्हें जोर-शोर से हर मंच से उठाया जाएगा। इसके लिए युवा समिति बनाई गई है जो युवा संवाद कार्यक्रम चलाएगी।युवाओं को करेंगे प्रोत्साहित
हर जिले में न केवल बैठकें होंगे बल्कि साइकिल रैली, पदयात्रा, चौपाल बैठक, संगोष्ठि सहित अन्य कार्यक्रम किए जाएंगे। इसमें युवा कांग्रेस और एनएसयूआई की भागीदारी भी मैदानी स्तर पर सुनिश्चित की जाएगी। इसमें ही ऐसे युवाओं को भी चिन्हित किया जाएगा, जिन्हें राजनीतिक क्षेत्र में आगे बढ़ाया जा सकता है।
महिलाओं के लिए भी बनेंगी टोलियां
लगभग यही प्रक्रिया महिलाओं के लिए भी अपनाई जाएगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संगठन को निर्देश दिए हैं कि महिलाओं के मुद्दे चिन्हित करने के लिए टोलियां बनाकर अलग-अलग क्षेत्रों में भेजी जाएंगी। ये सभी वर्गों की महिलाओं को आमंत्रित कर संवाद आयोजित करेंगी। इसमें महंगाई, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था, आर्थिक सशक्तीकरण सहित अन्य विषयों पर चर्चा होगी।
महिला नेतृत्व को करेंगे चिह्नित
इसके निष्कर्षों के आधार पर संगठन द्वारा कार्यक्रम निर्धारित किए जाएंगे। साथ ही उन महिलाओं को भी चिन्हित किया जाएगा, जिन्हें निकाय चुनाव में उतारा जा सकता है। उल्लेखनीय है कि नगरीय निकाय चुनाव दलीय आधार पर होते हैं और 50 प्रतिशत पद सभी वर्गों में आरक्षित रखे जाते हैं।







